Wednesday, 18 April 2018

कालबादेवी आग के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड को मिला 59 करोड़ के उपकरण

मनपा प्रशासन ने कालबादेवी आग के बाद आग के दौरान जरुरी उपकरणों के लिए मनपा की तिजोरी का पैसा मुंबई फायर ब्रिगेड को देने की उदारता दिखाई हैं। 6 प्रकार के उपकरणों के लिए  59 करोड़ गत 3 वर्ष में खर्च करने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को मुंबई फायर ब्रिगेड ने दी हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई फायर ब्रिगेड से  कालबादेवी आग कर बाद मुंबई फायर ब्रिगेड ने आग के दौरान जिन उपकरणों की जरुरत होती हैं और जिसकी खरीदी की हैं, उसकी जानकारी मांगी थी।  मुंबई फायर ब्रिगेड के विभागीय फायर अधिकारी एस. डी. सावंत ने गलगली को बताया कि  22 नग लाईट पोर्टेबल पंप की खरीदी पर  3 करोड़ 41 लाख 35 हजार 358 रुपए खर्च किए हैं। एलईडी इमरर्जन्सी लाईट के 35 नग की कीमत 95 लाख 76 हजार 840 रुपए हैं।  42 करोड़ 45 लाख 64 हजार 114  कीमत वाले 17 क्विक रिस्पॉन्स गाड़ियां खरीदी गई हैं।  06 फायर के बंब हैं जिसकी कीमत 3 करोड़ 63 लाख 11 हजार 827 रुपए हैं। 5 हाय प्रेशर पंप की कीमत 62 लाख 43 हजार 14 रुपए इतनी हैं।वहीं 14 किलो लीटर वॉटर टँकर के 11 नग की कीमत 7 करोड़ 94 लाख 81 हजार 745 रुपए हैं।

अनिल गलगली के अनुसार मुंबई महानगरपालिका प्रशासन ने जिस तरह से बड़े पैमाने पर फंड देते हुए सभी तरह के उपकरणों की जरुरत को पूरा किया हैं। अब मुख्य फायर ऑफिसर और अन्य अधिकारियों नर जिम्मेदारी से काम करने की जरुरत हैं।  

काळबादेवी आगीनंतर मुंबई अग्निशमन दलास मिळाली 59 कोटींची उपकरणे

मुंबई महानगरपालिका प्रशासनाने काळबादेवी आगीनंतर आगीच्या प्रसंगी आवश्यक उपकरणांसाठी पालिकेची तिजोरीतील पैसा मुंबई अग्निशमन दलास देताना उदारपणा दाखविला. 6 प्रकारच्या उपकरणांसाठी 59 कोटी गेल्या 3 वर्षात खर्च केल्याची माहिती आरटीआय कार्यकर्ते अनिल गलगली यांस मुंबई अग्निशमन दलाने दिली आहे.

आरटीआय कार्यकर्ते अनिल गलगली यांनी मुंबई अग्निशमन दलाकडे  काळबादेवी आगीनंतर मुंबई अग्निशमन दलाने आगीच्या प्रसंगी ज्या उपकरणांची आवश्यकता असते व जी खरेदी केली आहे, त्याबाबत माहिती मागितली होती. मुंबई अग्निशमन दलाचे विभागीय अग्निशमन अधिकारी एस. डी. सावंत यांनी गलगली यांस कळविले की 22 नग लाईट पोर्टेबल पंप विकत घेतले असून त्याची किंमत 3 कोटी 41 लाख 35 हजार 358 रुपये आहे. एलईडी इमरर्जन्सी लाईट चे 35 नगाची किंमत 95 लाख 76 हजार 840 रुपये आहे. 42 कोटी 45 लाख 64 हजार 114 किंमतीचे 17 क्विक रिस्पॉन्स वाहनांचे नग आहेत. 06 नग आगीचे बंब असून त्याची किंमत 3 कोटी 63 लाख 11 हजार 827 रुपये आहे. हाय प्रेशर पंप 05 नग असून 62 लाख 43 हजार 14 रुपये इतकी किंमत आहे तर 14 किलो लिटर वॉटर टँकर चे 11 नग विकत घेतले असून त्याची किंमत 7 कोटी 94 लाख 81 हजार 745 रुपये आहे.

अनिल गलगली यांच्या मते मुंबई महानगरपालिका प्रशासनाने ज्या पद्धतीने भरीव निधी देत सर्व प्रकारच्या उपकरणांची आवश्यकता पूर्ण केली आहे. आता मुख्य अग्निशमन अधिकारी आणि अन्य अधिका-यांनी जबाबदारीने काम करण्याची आवश्यकता आहे.

After Kalbadevi fire Mumbai Fire Brigade gets equipment worth 59 crores

After the Kalbadevi fire incident, the Mumbai Municipal Corporation has opened up its purses, and sanctioned Rs 59 crores enabling the Mumbai Fire Brigade to purchase 6 types of necessary equipment in the past 3 years as per the information provided to RTI Activist Anil Galgali.

RTI Activist Anil Galgali had sought information from the Mumbai Fire Brigade regarding the required equipment for dealing with fire incidents after the Kalbadevi fire, details about the complete requirement and equipment purchased from the list was sought. The Divisional Fire Officer Shri SD Sawant from the Mumbai Fire Brigade informed Galgali that, 22 no's of light portable pumps costing Rs 3 crore 41 lakhs 35 thousand 358 was purchased. Further 35 no's of  LED lights costing Rs 95 lakhs 76 thousand 840. 42 Quick response vehicles costing Rs 42 crores 45 lakhs 64 thousand 114. Fire Engines 6 nos costing Rs 3 crores 63 lakhs 11thousand 827, 5 no's of High Pressure Pumps costing Rs 62 lakhs 43 thousands 14. It also purchased 11 nos of Water Tanker of 14 kiloleters capacity costing Rs 7 crores 94 lakhs 81 thousand 745.

The Mumbai Municipal corporation has now provided adequate funds for the resources and equipment expressed Galgali and stated that now it is the responsibility of the Cheif Fire Officer and his officers to perform its task diligently and with responsibility.

Friday, 13 April 2018

फायर ऑडिट हुई बिल्डिंगों की जानकारी देने से फायर ब्रिगेड की टालमटोल

मुंबई में आग की घटनाओं में वृद्धि होते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड फायर ऑडिट को लेकर गंभीर नहीं हैं। इसीलिए आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई की फायर ऑडिट हुई बिल्डिंगों की जानकारी मांगने पर सीधी और स्पष्ट जानकारी देने में फायर ब्रिगेड टालमटोल कर रहा हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई फायर की हद में फायर ऑडिट अंतर्गत कुल बिल्डिंगों की संख्या, बिल्डिंग का प्रकार, वॉर्ड का नाम, कुल फायर ऑडिट हुए बिल्डिंग की संख्या और फायर ऑडिट न हुए बिल्डिंग की संख्या की जानकारी दिनांक 1 जनवरी 2018 से सूचना मांगी थीं।  विभागीय अग्निशमन अधिकारी एस.डी.सावंत ने जानबूझकर जानकारी देने से टालमटोल की। महाराष्ट्र अग्निप्रतिबंधक व जीवसरंक्षक उपाययोजना अधिनियम 2006 के तहत बिल्डिंग का मालिक /निवासी /हौसिंग सोसायटी ने उनकी बिल्डिंग की फायर ऑडिट लाइसेंस धारक अग्निशमन यंत्रणा के जरिए कर लेना और उसकी रिपोर्ट मुंबई अग्निशमन दल के कार्यालय में पंजीकृत करना या बृहन्मुंबई महानगरपालिका के वेबसाइट पर अपलोड करना जरुरत हैं। लेकिन कितने रिपोर्ट प्राप्त हुआ और कितनों ने अपलोड किया हैं, इसको जानकारी नहीं दी हैं।  गलगली को पत्र भी इस तरीके से भेजा गया ताकि उन्हें पत्र 3 महीने के बाद मिल सके।

मुंबई में 34 अग्निशमन केंद्र की हद में नामनिर्देशित अधिकारी को बिल्डिंग की जांच करने का अधिकार होते हुए फायर ऑडिट जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अग्निशमन दल क्यों नहीं दे रहा हैं? यह सवाल करते हुए अनिल गलगली ने अग्निशमन दल की इस टालमटोल की शिकायत मनपा आयुक्त अजोय मेहता से की हैं।मुंबई में जब आग की घटना होती हैं तब अग्निशमन दल द्वारा फायर ऑडिट की ओर बरती लापरवाही भी उतनी ही जिम्मेदार होती है, यह साबित हो चुका हैं।फायर ऑडिट जैसी महत्वपूर्ण जानकारी ऑनलाईन की जाती हैं तो जो फायर ऑडिट करते ही नहीं, ऐसे लोगों को मजबूरी से लोकलज्जास्तव पहल कर उसे करना ही पड़ेगा, ऐसा मत अनिल गलगली का हैं।

मुंबईतील फायर ऑडिट झालेल्या इमारतीची माहिती देण्यास अग्निशमन दलाची टाळाटाळ

मुंबईत आगीच्या घटनेत वाढ होत असून मुंबई अग्निशमन दलातर्फे फायर ऑडिटकडे दुर्लक्ष होत आहे. यामुळेच आरटीआय कार्यकर्ते अनिल गलगली यांनी मुंबईतील फायर ऑडिट झालेल्या इमारतीची माहिती मागितली असता सरळ आणि स्पष्ट माहिती देण्यास अग्निशमन दलाने टाळाटाळ केली आहे.

आरटीआय कार्यकर्ते अनिल गलगली यांनी मुंबई अग्निशमन दलाकडे मुंबई पालिकेच्या हद्दीत फायर ऑडिट अंतर्गत एकूण इमारतीची संख्या, इमारतीचा प्रकार, वॉर्डाचे नाव, एकूण फायर ऑडिट केलेल्या इमारतीची संख्या आणि फायर ऑडिट न झालेल्या इमारतीची संख्या याची माहिती दिनांक 1 जानेवारी 2018 रोजी माहिती मागितली होती. विभागीय अग्निशमन अधिकारी एस.डी.सावंत यांनी जाणीवपूर्वक माहिती देण्याचे टाळत कळविले की महाराष्ट्र अग्निप्रतिबंधक व जीवसरंक्षक उपाययोजना अधिनियम 2006 अन्वये इमारतींचे मालक/भोगवटादार/हौसिंग सोसायटी यांनी त्यांच्या इमारतीचे फायर ऑडिट परवाना धारक अग्निशमन यंत्रणा यांच्या मार्फत करुन घेणे व त्याचा अहवाल मुंबई अग्निशमन दलांच्या कार्यालयात पोच करणे किंवा बृहन्मुंबई महानगरपालिकेच्या संकेत स्थळावर अपलोड करणे आवश्यक आहे. पण किती अहवाल प्राप्त झाले आणि कितींनी ते अपलोड केले आहे,याची माहिती दिली नाही. सदर माहिती गलगली यांस अश्या पध्दतीने पाठविली की ती माहिती 3 महिन्यानंतर प्राप्त झाली.

मुंबईतील 34 अग्निशमन केंद्राच्या हद्दीतील नामनिर्देशित अधिकारी यांना इमारतीचे तपासणी करण्याचे अधिकार देण्यात आले असून फायर ऑडिट सारखी महत्वाची माहिती अग्निशमन दल का देत नाही? असा सवाल करत अनिल गलगली यांनी अग्निशमन दलाच्या या टाळाटाळीची तक्रार पालिका आयुक्त अजोय मेहता यांस केली आहे. मुंबईत जेव्हा आगीची घटना घडते तेव्हा अग्निशमन दलाने फायर ऑडिटकडे केलेले दुर्लक्ष सुद्धा तेवढेच कारणीभूत असल्याची बाब निर्दशनास आल्याचे नमूद करत फायर ऑडिट सारखी महत्वाची माहिती ऑनलाईन केल्यास जे फायर ऑडिट करत नाही, त्यांना नाईलाजाने लोकलज्जास्तव पुढाकार घेत करावी लागेल, असे गलगली यांनी सरतेशेवटी सांगितले.

Mumbai Fire Brigade avoiding information on Fire Audit of buildings

At a time when, Mumbai is witnessing rising incidents of fires in buildings, the Mumbai Fire Brigade which is entrusted with the responsibility of carrying out fire audits of buildings and high rise towers, seems to be shirking their responsibility. To ascertain the status of fire audits progress, RTI Activist Anil Galgali had filed an RTI application with the department, which is trying to ignore giving a proper response to the query.

RTI Activist Anil Galgali had sought information from the Mumbai Fire Brigade, the total number of buildings, type of buildings, Ward wise data on buildings, Total number of buildings on which fire audits was done, and pending number of buildings for Fire Audit, within the Municipal limits of the MCGM on 1st January 2018. The Divisional Fire Officer, SD Sawant with intention to avoid providing complete information responded that, as per the Maharashtra Fire Prevention Life Safety Act 2006, it has become mandatory for the Owners, Occupier, or Housing Societies to get the fire audits conducted by the approved and licensed auditor of the MCGM and the report be submitting to the Fire Brigade or be uploaded on the website of the municipality corporation. But the Fire Brigade has no information as to how many reports have been submitted or uploaded on the website. The information was despatched in a very cavalier manner so as to delay the receipt of the response, which was received after 3 months of despatch. 

In Mumbai the Nominated officer under the Act have been authorised in the 34 Fire Stations to carry out inspection of the buildings in their areas and limits, then it is surprising that they have no information on the progress of Fire Audit of buildings in their respective areas questioned Galgali. Galgali has complained the the Municipal Commissioner Ajoy Mehta about such delaying tactics adopted by the Fire Brigade. In case of any incidents of fires in buildings the the carelessness adopted by the Mumbai Fire Brigade is equally responsible as they are not serious in the most important task of enforcing and monitoring the Fire Audits. Also the names buildings and societies, not serious in getting themselves audited should be published on the website to shame and force them to act for benefits of the residents of the respective buildings stated Galgali.

Tuesday, 10 April 2018

किसानों को बांटे कर्ज का ब्यौरा सरकार के पास नहीं

छत्रपती शिवाजी महाराज शेतकरी ( किसान) सम्मान योजना अंतर्गत महाराष्ट्र सरकार ने 14,388 करोड़ कर्ज का वितरण रु 46.52 लाख किसानों को करने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को दी लेकिन इतनी बड़े फंड वितरण की जिला वाइज किसी भी तरह की जानकारी सरकार के पास उपलब्ध न होने का कबूलनामा दिया हैं। इससे कुल कर्ज वितरण की प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग गया हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने महाराष्ट्र सरकार से राज्य के किसानों का माफ किया कर्ज की जानकारी मांगते हुए किसानों की संख्या, कुल मंजूर और नामंजूर आवेदन की संख्या, बैंक का नाम, कुल वितरण फंड की जानकारी  जिला वाइज मांगी थी। महाराष्ट्र सरकार के सहकार मार्केट व वस्त्रोद्योग विभाग के जन सूचना अधिकारी दि. म. राणे ने अनिल गलगली को बताया कि कुल बैंक में जमा किए गए फंड की रकम की जिला वाइज की जानकारी  सरकार के पास उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही में विदर्भ के गांव वाइज जानकारी उपलब्ध नहीं हैं।

अनिल गलगली को उपलब्ध कराई हुई जानकारी के अनुसार 36 जिला औऱ अन्य ऐसे कुल मिलाकर 37 जिला में 56,59,159 आवेदन छत्रपती शिवाजी महाराज शेतकरी (किसान) सम्मान योजना अंतर्गत प्राप्त हुए हैं इनमें सर्वाधिक आवेदन अहमदनगर जिला से हैं। इसकी  संख्या 3,34,920 इतनी हैं। 14,797 आवेदन अन्य में पंजीकृत हैं। 1620 मुंबई उपनगर और 23715 मुंबई शहर से आवेदन हैं। राष्ट्रीयकृत बैंक में 19,88,234 एकाउंट मंजूर हुए हैं। रु 77,66,55,13,440. 76 इतनी रकम बैंक को दी गई हैं जबकि बैंक ने 75,89,98,20,857. 28 इतनी रकम लाभार्थी को दी गई हैं। वहीं डीसीसी बैंक में 26,64,576 एकाउंट  मंजूर हैं। इनमें रु 67,70,18,88,772. 36 इतनी रकम बैंक को दी गई हैं जबकि बैंक ने रु 67,97,74,78,292. 76 इतनी रकम लाभार्थी को वितरित की गई। 33 राष्ट्रीयकृत और 30 डीसीसी बैंक में 46,52,810 एकाउंट मंजूर किए गए हैं। इनमें रु 1,45,36,74,02,213. 11 इतनी रकम बैंक को जारी की गई हैं और बैंक ने रु 1,43,87,72,99,150. 04 इतनी रकम रकम लाभार्थी को वितरित की गई हैं।

अनिल गलगली के अनुसार बड़े पैमाने पर फंड वितरित किया गया लेकिन सरकार के पास जिल्हा वाइज औऱ गाव वाइज जानकारी उपलब्ध न होना, यह सिस्टम की बड़ी भूल तो हैं ही तथा गांवों में जिन किसानों को लाभार्थी बताया गया हैं उनका प्रत्यक्ष में सम्मान हुआ हैं नहीं, इसकी पृष्टि करने का मार्ग खुद सरकार ने बंद करने का आरोप लगाते हुए अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की हैं कि जिला और गांव वाइज लाभार्थी किसान जो हैं उनकी लिस्ट तैयार करने का आदेश संबंधितों को दिया जाए।